श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 10: भृगु, अग्नि और अग्निष्वात्तादि पितरोंकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.10.8 
अनसूया तथैवात्रेर्जज्ञे निष्कल्मषान‍्सुतान्।
सोमं दुर्वाससं चैव दत्तात्रेयं च योगिनम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अत्रिकि की पत्नी अनसूया ने चंद्रमा, दुर्वासा और योगी दत्तात्रेय नामक पापरहित पुत्रों को जन्म दिया। 8॥
 
Atriki's wife Anasuya gave birth to the sinless sons Chandrama, Durvasa and Yogi Dattatreya. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)