श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 10: भृगु, अग्नि और अग्निष्वात्तादि पितरोंकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.10.5 
प्राणस्य द्युतिमान‍्पुत्रो राजवांश्च ततोऽभवत्।
ततो वंशो महाभाग विस्तरं भार्गवो गत:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
प्राण का पुत्र द्युतिमान हुआ और उसका पुत्र राजा हुआ। हे महाभाग! उस राजा से भृगुवंश का पुनः बहुत विस्तार हुआ। 5॥
 
Prana's son became Dyutiman and his son became king. O Mahabhaga! The Bhrigu dynasty again expanded greatly from that king. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)