श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 10: भृगु, अग्नि और अग्निष्वात्तादि पितरोंकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 12-13
 
 
श्लोक  1.10.12-13 
ऊर्जायां तु वसिष्ठस्य सप्ताजायन्त वै सुता:॥ १२॥
रजो गोत्रोर्द्ध्वबाहुश्च सवनश्चानघस्तथा।
सुतपा: शुक्र इत्येते सर्वे सप्तर्षयोऽमला:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वसिष्ठकि ऊर्जा नामक स्त्री से सात पुत्र राज, गोत्र, ऊर्ध्वबाहु, सवन, अनघा, सुतपा और शुक्र का जन्म हुआ। शुद्ध स्वभाव वाले ये सभी ऋषि सप्तर्षि बन गए [तीसरे मन्वन्तर में]। 12-13॥
 
Seven sons, Raj, Gotra, Urdhvabahu, Savan, Anagha, Sutapa and Shukra were born from a woman named Vasisthaki Urja. All these sages with pure nature became Saptarishis [in the third Manvantara]. 12-13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)