श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  »  अध्याय 10: भृगु, अग्नि और अग्निष्वात्तादि पितरोंकी सन्तानका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.10.11 
क्रतोश्च सन्ततिर्भार्या वालखिल्यानसूयत।
षष्टिपुत्रसहस्राणि मुनीनामूर्ध्वरेतसाम्।
अङ्गुष्ठपर्वमात्राणां ज्वलद्भास्करतेजसाम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
क्रतुकी नाम की देवी ने संतति नामक देवी से वालखिल्य आदि साठ हजार ऋषियों को जन्म दिया, जिनके शरीर अंगूठे के पोरों के समान थे और जिनकी कांति सूर्य के समान थी ॥11॥
 
The goddess named Kratuki Santati gave birth to sixty thousand sages like Valakhilya, having bodies like the knuckles of the thumb and having the radiance like the bright sun. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)