श्री विष्णु पुराण  »  अंश 1: प्रथम अंश  » 
 
 
अंश 1: प्रथम अंश
 
 
अध्याय 1:  ग्रन्थका उपोद्घात
 
अध्याय 2:  चौबीस तत्त्वोंके विचारके साथ जगत‍्के उत्पत्तिक्रमका वर्णन और विष्णुकी महिमा
 
अध्याय 3:  ब्रह्मादिकी आयु और कालका स्वरूप
 
अध्याय 4:  ब्रह्माजीकी उत्पत्ति वराहभगवान‍्द्वारा पृथिवीका उद्धार और ब्रह्माजीकी लोक-रचना
 
अध्याय 5:  अविद्यादि विविध सर्गोंका वर्णन
 
अध्याय 6:  चातुर्वर्ण्य-व्यवस्था, पृथिवी-विभाग और अन्नादिकी उत्पत्तिका वर्णन
 
अध्याय 7:  मरीचि आदि प्रजापतिगण, तामसिक सर्ग, स्वायम्भुवमनु और शतरूपा तथा उनकी सन्तानका वर्णन
 
अध्याय 8:  रौद्र-सृष्टि और भगवान‍् तथा लक्ष्मीजीकी सर्वव्यापकताका वर्णन
 
अध्याय 9:  दुर्वासाजीके शापसे इन्द्रका पराजय, ब्रह्माजीकी स्तुतिसे प्रसन्न हुए भगवान‍्का प्रकट होकर देवताओंको समुद्र-मन्थनका उपदेश करना तथा देवता और दैत्योंका समुद्र-मन्थन
 
अध्याय 10:  भृगु, अग्नि और अग्निष्वात्तादि पितरोंकी सन्तानका वर्णन
 
अध्याय 11:  ध्रुवका वनगमन और मरीचि आदि ऋषियोंसे भेंट
 
अध्याय 12:  ध्रुवकी तपस्यासे प्रसन्न हुए भगवान‍्का आविर्भाव और उसे ध्रुवपद-दान
 
अध्याय 13:  राजा वेन और पृथुका चरित्र
 
अध्याय 14:  प्राचीनबर्हिका जन्म और प्रचेताओंका भगवदाराधन
 
अध्याय 15:  प्रचेताओंका मारिषा नामक कन्याके साथ विवाह, दक्ष प्रजापतिकी उत्पत्ति एवं दक्षकी आठ कन्याओंके वंशका वर्णन
 
अध्याय 16:  नृसिंहावतारविषयक प्रश्न
 
अध्याय 17:  हिरण्यकशिपुका दिग्विजय और प्रह्लाद-चरित
 
अध्याय 18:  प्रह्लादको मारनेके लिये विष, शस्त्र और अग्नि आदिका प्रयोग एवं प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति
 
अध्याय 19:  प्रह्लादकृत भगवत्-गुण-वर्णन और प्रह्लादकी रक्षाके लिये भगवान‍्का सुदर्शनचक्रको भेजना
 
अध्याय 20:  प्रह्लादकृत भगवत्-स्तुति और भगवान‍्का आविर्भाव
 
अध्याय 21:  कश्यपजीकी अन्य स्त्रियोंके वंश एवं मरुद‍्गणकी उत्पत्तिका वर्णन
 
अध्याय 22:  विष्णु भगवान‍्की विभूति और जगत‍्की व्यवस्थाका वर्णन
 
 
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥