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ramayan 7.99.4: विदेहकुमारी को न देखने के कारण उन्हें सारा संसार सूना-सूना सा लग रहा था। उनका मन शोक से व्याकुल हो रहा था, इसलिए उन्हें शांति नहीं मिल रही थी॥4॥   |   ramayan सर्ग 7.99: सीता के रसातल - प्रवेश के पश्चात् श्रीराम की जीवनचर्या, रामराज्य की स्थिति तथा माताओं के परलोक-गमन आदि का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.99.4 
अपश्यमानो वैदेहीं मेने शून्यमिदं जगत्।
शोकेन परमायस्तो न शान्तिं मनसागमत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
विदेहकुमारी को न देखने के कारण उन्हें सारा संसार सूना-सूना सा लग रहा था। उनका मन शोक से व्याकुल हो रहा था, इसलिए उन्हें शांति नहीं मिल रही थी॥4॥
 
The whole world seemed desolate to him as he did not see Videha Kumari. His mind was troubled with grief and hence could not find peace. ॥4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)