श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 99: सीता के रसातल - प्रवेश के पश्चात् श्रीराम की जीवनचर्या, रामराज्य की स्थिति तथा माताओं के परलोक-गमन आदि का वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.99.14 
नाकाले म्रियते कश्चिन्न व्याधि: प्राणिनां तथा।
नानर्थो विद्यते कश्चिद् रामे राज्यं प्रशासति॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के राज्य में किसी की अकाल मृत्यु नहीं हुई, प्राणियों को कोई रोग नहीं सताता था और संसार में कोई उपद्रव उत्पन्न नहीं होता था॥14॥
 
During the reign of Shri Ram, no one died an untimely death. No disease troubled the living beings and no disturbance arose in the world.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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