Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.99.12: रीछ, वानर और राक्षस भी श्री राम की आज्ञा में थे। संसार के सभी राजा श्री रघुनाथ को प्रतिदिन प्रसन्न रखते थे।॥12॥   |   ramayan सर्ग 7.99: सीता के रसातल - प्रवेश के पश्चात् श्रीराम की जीवनचर्या, रामराज्य की स्थिति तथा माताओं के परलोक-गमन आदि का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 99: सीता के रसातल - प्रवेश के पश्चात् श्रीराम की जीवनचर्या, रामराज्य की स्थिति तथा माताओं के परलोक-गमन आदि का वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.99.12 
ऋक्षवानररक्षांसि स्थिता रामस्य शासने।
अनुरञ्जन्ति राजानो ह्यहन्यहनि राघवम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
रीछ, वानर और राक्षस भी श्री राम की आज्ञा में थे। संसार के सभी राजा श्री रघुनाथ को प्रतिदिन प्रसन्न रखते थे।॥12॥
 
Even bears, monkeys and demons were under the command of Shri Ram. All the kings of the world kept Shri Raghunath happy every day. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)