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ramayan 7.99.1: जब रात्रि बीत गई और सुबह हुई, तो भगवान राम ने महान ऋषियों को बुलाया और अपने दोनों पुत्रों से कहा, 'अब तुम बिना किसी संदेह के शेष रामायण का पाठ शुरू कर सकते हो।'   |   ramayan सर्ग 7.99: सीता के रसातल - प्रवेश के पश्चात् श्रीराम की जीवनचर्या, रामराज्य की स्थिति तथा माताओं के परलोक-गमन आदि का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.99.1 
रजन्यां तु प्रभातायां समानीय महामुनीन्।
गीयतामविशङ्काभ्यां राम: पुत्रावुवाच ह॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब रात्रि बीत गई और सुबह हुई, तो भगवान राम ने महान ऋषियों को बुलाया और अपने दोनों पुत्रों से कहा, 'अब तुम बिना किसी संदेह के शेष रामायण का पाठ शुरू कर सकते हो।'
 
After the night had passed and it was morning, Lord Rama called together the great sages and said to his two sons, 'Now you may without any doubts begin reciting the rest of the Ramayana.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)