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ramayan 7.98.3: बहुत देर तक रोते हुए और बारम्बार आँसू बहाते हुए, क्रोध और शोक से भरे हुए श्री रामजी इस प्रकार बोले-॥3॥   |   ramayan सर्ग 7.98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.98.3 
स रुदित्वा चिरं कालं बहुशो बाष्पमुत्सृजन्।
क्रोधशोकसमाविष्टो रामो वचनमब्रवीत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
बहुत देर तक रोते हुए और बारम्बार आँसू बहाते हुए, क्रोध और शोक से भरे हुए श्री रामजी इस प्रकार बोले-॥3॥
 
Weeping for a long time and shedding tears repeatedly, filled with anger and grief, Sri Rama spoke thus -॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)