Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.98.26-27h: हे प्रभु! ये ब्रह्मलोकवासी महर्षि मेरी भविष्यकथाओं से युक्त उत्तरकाण्ड का शेष भाग सुनना चाहते हैं। अतः कल प्रातःकाल से ही इसका पाठ प्रारम्भ कर दिया जाए।' | ramayan सर्ग 7.98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! ये ब्रह्मलोकवासी महर्षि मेरी भविष्यकथाओं से युक्त उत्तरकाण्ड का शेष भाग सुनना चाहते हैं। अतः कल प्रातःकाल से ही इसका पाठ प्रारम्भ कर दिया जाए।'
Lord! These Maharishis, residents of Brahmlok, want to hear the remaining part of Uttarakand containing my future stories. Therefore, its recitation should begin from tomorrow morning itself.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥