Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.98.24-25h: वहाँ उपस्थित ब्रह्मलोक में रहने वाले महर्षिगण ब्रह्माजी की आज्ञा पाकर भविष्यकथाओं से युक्त उत्तरकाण्ड सुनने की इच्छा से लौट गए (उनके साथ ब्रह्मलोक नहीं गए)॥24 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये च तत्र महात्मान ऋषयो ब्राह्मलौकिका:।
ब्रह्मणा समनुज्ञाता न्यवर्तन्त महौजस:॥ २४॥
उत्तरं श्रोतुमनसो भविष्यं यच्च राघवे।
अनुवाद
वहाँ उपस्थित ब्रह्मलोक में रहने वाले महर्षिगण ब्रह्माजी की आज्ञा पाकर भविष्यकथाओं से युक्त उत्तरकाण्ड सुनने की इच्छा से लौट गए (उनके साथ ब्रह्मलोक नहीं गए)॥24 1/2॥
The great sages living in Brahmalok who were present there, after receiving Brahmaji's permission, returned with the desire to listen to Uttarkand containing future stories (did not go with him to Brahmalok). 24 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥