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श्लोक  7.98.20 
स त्वं पुरुषशार्दूल धर्मेण सुसमाहित:।
शेषं भविष्यं काकुत्स्थ काव्यं रामायणं शृणु॥ २०॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषसिंह रघुनंदन! आपको धर्म पर ध्यान लगाना चाहिए और रामायण के शेष भाग को सुनना चाहिए, जिसमें भविष्य की घटनाओं का वर्णन है।
 
Purushasingh Raghunandan! You should concentrate on Dharma and listen to the rest of the Ramayana poem which contains the events of the future.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)