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एवं ब्रुवाणे काकुत्स्थे क्रोधशोकसमन्विते।
ब्रह्मा सुरगणै: सार्धमुवाच रघुनन्दनम्॥ ११॥
अनुवाद
जब क्रोध और शोक से भरे हुए श्री रघुनाथजी ऐसी बातें कहने लगे, तब देवताओं सहित ब्रह्माजी ने रघुकुल के पुत्र श्री राम से कहा-॥11॥
When Sri Raghunathji, filled with anger and grief, started saying such things, then Brahmaji along with the gods said to Sri Rama, the son of the Raghukul -॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥