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ramayan 7.98.11: जब क्रोध और शोक से भरे हुए श्री रघुनाथजी ऐसी बातें कहने लगे, तब देवताओं सहित ब्रह्माजी ने रघुकुल के पुत्र श्री राम से कहा-॥11॥   |   ramayan सर्ग 7.98: सीता के लिये श्रीराम का खेद, ब्रह्माजी का उन्हें समझाना और उत्तरकाण्ड का शेष अंश सुनने के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.98.11 
एवं ब्रुवाणे काकुत्स्थे क्रोधशोकसमन्विते।
ब्रह्मा सुरगणै: सार्धमुवाच रघुनन्दनम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब क्रोध और शोक से भरे हुए श्री रघुनाथजी ऐसी बातें कहने लगे, तब देवताओं सहित ब्रह्माजी ने रघुकुल के पुत्र श्री राम से कहा-॥11॥
 
When Sri Raghunathji, filled with anger and grief, started saying such things, then Brahmaji along with the gods said to Sri Rama, the son of the Raghukul -॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)