श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 97: सीता का शपथ ग्रहण और रसातल में प्रवेश  »  श्लोक 7-9h
 
 
श्लोक  7.97.7-9h 
आदित्या वसवो रुद्रा विश्वेदेवा मरुद‍्गणा:॥ ७॥
साध्याश्च देवा: सर्वे ते सर्वे च परमर्षय:।
नागा: सुपर्णा: सिद्धाश्च ते सर्वे हृष्टमानसा:॥ ८॥
सीताशपथसम्भ्रान्ता: सर्व एव समागता:।
 
 
अनुवाद
सीताजी का शपथ ग्रहण देखने के लिए आदित्य, वसु, रुद्र, विश्वेदेव, मरुद्गण, सभी साध्यदेव, सभी महर्षि, नाग, गरुड़ और सभी सिद्ध प्रसन्न और घबराए हुए वहां पहुंचे। 7-8 1/2"
 
Aditya, Vasu, Rudra, Vishvedev, Marudgan, all the Sadhyadevs, all the Maharishis, Nagas, Garuda and all the Siddhas, happy and nervous, reached there to see Sitaji's oath-taking. 7-8 1/2"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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