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श्लोक 7.97.26  |
सीताप्रवेशनं दृष्ट्वा तेषामासीत् समागम:।
तन्मुहूर्तमिवात्यर्थं समं सम्मोहितं जगत्॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| सीता को पृथ्वी में प्रवेश करते देख वहाँ उपस्थित सभी लोग हर्ष और शोक से भर गए। कुछ क्षणों के लिए वहाँ उपस्थित समस्त जनसमूह पूर्णतः मंत्रमुग्ध हो गया॥26॥ |
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| Seeing Sita enter the earth, all the people present there were filled with joy and sorrow. For a few moments the entire crowd there became completely enchanted.॥26॥ |
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इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे सप्तनवतितम: सर्ग: ॥ ९ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके उत्तरकाण्डमें सत्तानबेवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ९ ७॥ |
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