Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.97.18: दिव्य रत्नों से सुसज्जित शक्तिशाली नागों ने दिव्य रूप धारण कर लिए और अपने सिर पर दिव्य सिंहासन धारण कर लिया।   |   ramayan सर्ग 7.97: सीता का शपथ ग्रहण और रसातल में प्रवेश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 97: सीता का शपथ ग्रहण और रसातल में प्रवेश  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.97.18 
ध्रियमाणं शिरोभिस्तु नागैरमितविक्रमै:।
दिव्यं दिव्येन वपुषा दिव्यरत्नविभूषितै:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
दिव्य रत्नों से सुसज्जित शक्तिशाली नागों ने दिव्य रूप धारण कर लिए और अपने सिर पर दिव्य सिंहासन धारण कर लिया।
 
The mighty serpents adorned with divine gems assumed divine forms and held the divine throne on their heads.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)