| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 7: उत्तर काण्ड » सर्ग 97: सीता का शपथ ग्रहण और रसातल में प्रवेश » श्लोक 13 |
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| | | | श्लोक 7.97.13  | सर्वान् समागतान् दृष्ट्वा सीता काषायवासिनी।
अब्रवीत् प्राञ्जलिर्वाक्यमधोदृष्टिरवाङ्मुखी॥ १३॥ | | | | | | अनुवाद | | उस समय सीताजी तपस्वियों के समान भगवा वस्त्र धारण किए हुए थीं। सबको उपस्थित जानकर उन्होंने हाथ जोड़कर, दृष्टि नीची करके कहा -॥13॥ | | | | At that time Sitaji was wearing saffron clothes as befits ascetics. Knowing that everyone was present, she folded her hands, lowered her gaze and said -॥ 13॥ | | ✨ ai-generated | | |
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