Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.95.4: यदि सीता का चरित्र शुद्ध है और उसने कोई पाप नहीं किया है तो उसे महर्षि की अनुमति लेकर यहाँ आकर लोगों के सामने अपनी पवित्रता सिद्ध करनी चाहिए। ॥4॥ | ramayan सर्ग 7.95: श्रीराम का सीता से उनकी शुद्धता प्रमाणित करने के लिये शपथ कराने का विचार । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि शुद्धसमाचारा यदि वा वीतकल्मषा।
करोत्विहात्मन: शुद्धिमनुमान्य महामुनिम्॥ ४॥
अनुवाद
यदि सीता का चरित्र शुद्ध है और उसने कोई पाप नहीं किया है तो उसे महर्षि की अनुमति लेकर यहाँ आकर लोगों के सामने अपनी पवित्रता सिद्ध करनी चाहिए। ॥4॥
"If Sita's character is pure and if she has not committed any sins then she should take the permission of the great sage and come here to prove her purity before the people." ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥