श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 95: श्रीराम का सीता से उनकी शुद्धता प्रमाणित करने के लिये शपथ कराने का विचार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.95.11 
तथोक्ता मुनिना सर्वे राजदूता महौजसम्।
प्रत्येत्य राघवं सर्वं मुनिवाक्यं बभाषिरे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मुनि के ऐसा कहने पर सब दूत महाबली श्री रघुनाथजी के पास लौट आए और मुनि के कहे अनुसार सब बातें उनसे कह सुनाईं॥11॥
 
After the sage said this, all the ambassadors returned to the mighty Sri Raghunathji. They told him everything verbatim as the sage had said. ॥11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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