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ramayan 7.94.26: उस तपस्वी कवि द्वारा रचित इस महाकाव्य में चौबीस हजार श्लोक और एक सौ उपाख्यान हैं॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 7.94: लव-कुश द्वारा रामायण-काव्य का गान तथा श्रीराम का उसे भरी सभा में सुनना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.94.26 
संनिबद्धं हि श्लोकानां चतुर्विंशत्सहस्रकम्।
उपाख्यानशतं चैव भार्गवेण तपस्विना॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उस तपस्वी कवि द्वारा रचित इस महाकाव्य में चौबीस हजार श्लोक और एक सौ उपाख्यान हैं॥ 26॥
 
This epic composed by that ascetic poet contains twenty-four thousand verses and one hundred anecdotes.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)