vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 94: लव-कुश द्वारा रामायण-काव्य का गान तथा श्रीराम का उसे भरी सभा में सुनना
»
श्लोक 22
श्लोक
7.94.22
तथा तयो: प्रब्रुवतो: कौतूहलसमन्विता:।
श्रोतारश्चैव रामश्च सर्व एव सुविस्मिता:॥ २२॥
अनुवाद
जब उन्होंने यह कहा तो सभी श्रोताओं में कौतूहल उत्पन्न हो गया। श्रोतागण और श्री राम, दोनों आश्चर्यचकित हो गए।
When he said this, all the listeners became very curious. The listeners and Shri Ram were all astonished.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×