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ramayan 7.94.22: जब उन्होंने यह कहा तो सभी श्रोताओं में कौतूहल उत्पन्न हो गया। श्रोतागण और श्री राम, दोनों आश्चर्यचकित हो गए।   |   ramayan सर्ग 7.94: लव-कुश द्वारा रामायण-काव्य का गान तथा श्रीराम का उसे भरी सभा में सुनना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.94.22 
तथा तयो: प्रब्रुवतो: कौतूहलसमन्विता:।
श्रोतारश्चैव रामश्च सर्व एव सुविस्मिता:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जब उन्होंने यह कहा तो सभी श्रोताओं में कौतूहल उत्पन्न हो गया। श्रोतागण और श्री राम, दोनों आश्चर्यचकित हो गए।
 
When he said this, all the listeners became very curious. The listeners and Shri Ram were all astonished.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)