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ramayan 7.93.10: यदि महाराज श्री राम तुम दोनों को गीत सुनने के लिए बुलाएँ, तो तुम उनके और वहाँ बैठे हुए ऋषियों के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार करना। 10॥   |   ramayan सर्ग 7.93: श्रीराम के यज्ञ में महर्षि वाल्मीकि का आगमन और उनका रामायणगान के लिये कुश और लव को आदेश   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.93.10 
यदि शब्दापयेद् राम: श्रवणाय महीपति:।
ऋषीणामुपविष्टानां यथायोग्यं प्रवर्तताम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यदि महाराज श्री राम तुम दोनों को गीत सुनने के लिए बुलाएँ, तो तुम उनके और वहाँ बैठे हुए ऋषियों के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार करना। 10॥
 
If Maharaj Shri Ram calls both of you to listen to the song, then you should behave politely with him and the sages sitting there. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)