Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.92.2: उस घोड़े की रक्षा के लिए ऋत्विजों सहित लक्ष्मण को नियुक्त करके श्री रघुनाथजी सेना सहित नैमिषारण्य को चले गए॥2॥   |   ramayan सर्ग 7.92: श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ में दान- मान की विशेषता   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 92: श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ में दान- मान की विशेषता  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.92.2 
ऋत्विग्भिर्लक्ष्मणं सार्धमश्वे च विनियुज्य च।
ततोऽभ्यगच्छत् काकुत्स्थ: सह सैन्येन नैमिषम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
उस घोड़े की रक्षा के लिए ऋत्विजों सहित लक्ष्मण को नियुक्त करके श्री रघुनाथजी सेना सहित नैमिषारण्य को चले गए॥2॥
 
Appointing Lakshman along with Ritvijas to protect that horse, Shri Raghunathji went to Naimisharanya with the army. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)