Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.92.13-14h: राजा श्री राम का वह महान यज्ञ स्वस्थ और बलवान पुरुषों से भरा हुआ था; वहाँ कोई भी गंदा, गरीब या कमजोर नहीं दिख रहा था ॥13 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.92: श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ में दान- मान की विशेषता   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 92: श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ में दान- मान की विशेषता  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  7.92.13-14h 
न कश्चिन्मलिनो वापि दीनो वाप्यथवा कृश:॥ १३॥
तस्मिन् यज्ञवरे राज्ञो हृष्टपुष्टजनावृते।
 
 
अनुवाद
राजा श्री राम का वह महान यज्ञ स्वस्थ और बलवान पुरुषों से भरा हुआ था; वहाँ कोई भी गंदा, गरीब या कमजोर नहीं दिख रहा था ॥13 1/2॥
 
That great yajna of king Shri Ram was full of healthy and strong men; no one there looked dirty, poor or weak. ॥ 13 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)