श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.91.4 
तद् वाक्यं राघवेणोक्तं श्रुत्वा त्वरितविक्रम:।
द्विजान् सर्वान् समाहूय दर्शयामास राघवम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
रघुनाथजी के कहे हुए ये वचन सुनकर शीघ्रतापूर्वक लक्ष्मण ने सब ब्राह्मणों को बुलाकर श्री रामचन्द्रजी से उनका परिचय कराया॥4॥
 
Hearing these words spoken by Raghunathji, the speedy Lakshmana called all the Brahmins and introduced them to Shri Ramchandraji. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)