vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी
»
श्लोक 4
श्लोक
7.91.4
तद् वाक्यं राघवेणोक्तं श्रुत्वा त्वरितविक्रम:।
द्विजान् सर्वान् समाहूय दर्शयामास राघवम्॥ ४॥
अनुवाद
रघुनाथजी के कहे हुए ये वचन सुनकर शीघ्रतापूर्वक लक्ष्मण ने सब ब्राह्मणों को बुलाकर श्री रामचन्द्रजी से उनका परिचय कराया॥4॥
Hearing these words spoken by Raghunathji, the speedy Lakshmana called all the Brahmins and introduced them to Shri Ramchandraji. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×