श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 27-28
 
 
श्लोक  7.91.27-28 
भरत: स तदा यात: शत्रुघ्नसहितस्तदा॥ २७॥
वानराश्च महात्मान: सुग्रीवसहितास्तदा।
विप्राणां प्रवरा: सर्वे चक्रुश्च परिवेषणम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भरत शत्रुघ्न के साथ नैमिषारण्य को चले गए। उस समय सुग्रीव आदि महापुरुष वानर वहाँ उपस्थित समस्त श्रेष्ठ ब्राह्मणों को भोजन कराते थे॥ 27-28॥
 
Thereafter Bharata along with Shatrughna left for Naimisharanya. At that time the great monkeys including Sugreeva used to serve food to all the great Brahmins present there.॥ 27-28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)