Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.91.23-25: सेनाएँ भी भरत के साथ आगे बढ़ें। शास्त्रों के विद्वान् भरत, बालक, वृद्ध, एकाग्रचित्त ब्राह्मण, काम करने वाले सेवक, बढ़ई, कोषाध्यक्ष, वैदिक, मेरी सभी माताएँ, कुमारों (भरत आदि की स्त्रियों) के अंतःपुर, मेरी पत्नी की स्वर्ण प्रतिमा और यज्ञकर्म के ज्ञाता ब्राह्मण आगे चलें। 23-25॥   |   ramayan सर्ग 7.91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 23-25
 
 
श्लोक  7.91.23-25 
भरतेन तु सार्धं ते यान्तु सैन्यानि चाग्रत:।
नैगमान् बालवृद्धांश्च द्विजांश्च सुसमाहितान्॥ २३॥
कर्मान्तिकान् वर्धकिन: कोशाध्यक्षांश्च नैगमान्।
मम मातॄस्तथा सर्वा: कुमारान्त:पुराणि च॥ २४॥
काञ्चनीं मम पत्नीं च दीक्षायां ज्ञांश्च कर्मणि।
अग्रतो भरत: कृत्वा गच्छत्वग्रे महायशा:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
सेनाएँ भी भरत के साथ आगे बढ़ें। शास्त्रों के विद्वान् भरत, बालक, वृद्ध, एकाग्रचित्त ब्राह्मण, काम करने वाले सेवक, बढ़ई, कोषाध्यक्ष, वैदिक, मेरी सभी माताएँ, कुमारों (भरत आदि की स्त्रियों) के अंतःपुर, मेरी पत्नी की स्वर्ण प्रतिमा और यज्ञकर्म के ज्ञाता ब्राह्मण आगे चलें। 23-25॥
 
The armies should also go ahead with Bharat. May the illustrious Bharat, the scholar of scriptures, the children, the old men, the concentrated minded Brahmins, the working servants, the carpenters, the treasurers, the Vedics, all my mothers, the harems of the Kumaras (the women of Bharat etc.), the golden statue of my wife and the Brahmins knowledgeable in the initiation of Yagya Karma, travel in advance. 23-25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)