श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.91.19-20h 
शतं वाहसहस्राणां तण्डुलानां वपुष्मताम्।
अयुतं तिलमुद‍्गस्य प्रयात्वग्रे महाबल॥ १९॥
चणकानां कुलित्थानां माषाणां लवणस्य च।
 
 
अनुवाद
हे पराक्रमी सुमित्रापुत्र! लाखों पशु साबुत अनाज सहित चावल के बोझ ढोते हुए आगे बढ़ें और दस हजार पशु तिल, मूंग, चना, चना, उड़द और नमक के बोझ ढोते हुए आगे बढ़ें॥19 1/2॥
 
Mighty Sumitra's son! Lakhs of beasts carrying loads of rice with whole grains and ten thousand beasts carrying loads of sesame, green gram, gram, horse gram, black gram and salt should proceed forward.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)