vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 91: श्रीराम के आदेश से अश्वमेध यज्ञ की तैयारी
»
श्लोक 13
श्लोक
7.91.13
देशान्तरगता ये च द्विजा धर्मसमाहिता:।
आमन्त्रयस्व तान् सर्वानश्वमेधाय लक्ष्मण॥ १३॥
अनुवाद
लक्ष्मण! जो लोग अन्य देशों में काम करने के लिए गए हैं, उन सभी धर्मपरायण ब्राह्मणों को अपने अश्वमेध यज्ञ में आमंत्रित करो।
Lakshmana! Invite all those pious Brahmins who have gone to other countries for work, for your Ashwamedha Yagna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×