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निवृत्ते हयमेधे च गते चादर्शनं हरे॥ २०॥
यथागतं द्विजा: सर्वे तेऽगच्छन् दीर्घदर्शिन:।
अनुवाद
जब अश्वमेध यज्ञ समाप्त हो गया और भगवान महादेव उनके सामने प्रकट हुए और अंतर्ध्यान हो गए, तो सभी दूरदर्शी ब्राह्मण उसी तरह लौट गए जिस तरह से वे आए थे।
‘When the Ashwamedha Yagna was over and the Lord Mahadeva appeared before Him and disappeared, all the far-sighted Brahmins returned the same way they had come.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥