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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना
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श्लोक 22
श्लोक
7.88.22
अत्र किंपुरुषीर्भूत्वा शैलरोधसि वत्स्यथ।
आवासस्तु गिरावस्मिन् शीघ्रमेव विधीयताम्॥ २२॥
अनुवाद
"तुम सब लोग किन्नर बनोगे और पर्वत पर निवास करोगे। शीघ्र ही इस पर्वत पर अपने लिए स्थान बना लो।
"All of you will become Kinpurusha (Kinnaris) and live on the mountainside. Make a place for yourselves on this mountain soon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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