श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.88.2 
तौ रामं प्राञ्जली भूत्वा तस्य राज्ञो महात्मन:।
विस्तरं तस्य भावस्य तदा पप्रच्छतु: पुन:॥ २॥
 
 
अनुवाद
दोनों भाइयों ने हाथ जोड़कर पुनः श्री राम से महान राजा इल के अपनी पत्नी और पति के प्रति प्रेम का विस्तृत वृत्तांत पूछा-॥2॥
 
With folded hands both the brothers again asked Shri Ram about the detailed story of the great king Il's love for his wife and husband -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)