vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना
»
श्लोक 2
श्लोक
7.88.2
तौ रामं प्राञ्जली भूत्वा तस्य राज्ञो महात्मन:।
विस्तरं तस्य भावस्य तदा पप्रच्छतु: पुन:॥ २॥
अनुवाद
दोनों भाइयों ने हाथ जोड़कर पुनः श्री राम से महान राजा इल के अपनी पत्नी और पति के प्रति प्रेम का विस्तृत वृत्तांत पूछा-॥2॥
With folded hands both the brothers again asked Shri Ram about the detailed story of the great king Il's love for his wife and husband -॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×