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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना
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श्लोक 17
श्लोक
7.88.17
स ता: पप्रच्छ धर्मात्मा कस्यैषा लोकसुन्दरी।
किमर्थमागता चैव सर्वमाख्यात मा चिरम्॥ १७॥
अनुवाद
तब धर्मात्मा बुद्ध ने उन सभी स्त्रियों से पूछा, 'यह सुन्दरी किसकी पत्नी है और यहाँ किसलिए आई है? ये सब बातें मुझे शीघ्र बताओ।'
Then the virtuous Buddha asked all those women, 'Whose wife is this beautiful lady and why has she come here? Tell me all these things quickly.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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