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ramayan 7.88.12: ‘जैसे ही बुद्ध ने इला को देखा, वे कामदेव के बाणों का लक्ष्य बन गए। वे अपनी चेतना और बुद्धि खो बैठे और उसी समय जल में व्याकुल हो गए।॥12॥   |   ramayan सर्ग 7.88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 88: इला और बुध का एक-दूसरे को देखना तथा बुध का उन सब स्त्रियोंको किंपुरुषी नाम देकर पर्वत पर रहने के लिये आदेश देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.88.12 
बुधस्तु तां समीक्ष्यैव कामबाणवशं गत:।
नोपलेभे तदात्मानं स चचाल तदाम्भसि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
‘जैसे ही बुद्ध ने इला को देखा, वे कामदेव के बाणों का लक्ष्य बन गए। वे अपनी चेतना और बुद्धि खो बैठे और उसी समय जल में व्याकुल हो गए।॥12॥
 
‘As soon as Budha saw Ila, he became the target of Kamadeva's arrows. He lost his consciousness and mind and at that time he got agitated in the water.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)