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ramayan 7.87.18-19h: तब वर देने वाले देवता महेश्वर देवी पार्वती के साथ बैठे हुए प्रजापति के पुत्र इल से हँसते हुए बोले-॥18 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  7.87.18-19h 
तत: प्रहस्य वरद: सह देव्या महेश्वर:॥ १८॥
प्रजापतिसुतं वाक्यमुवाच वरद: स्वयम्।
 
 
अनुवाद
तब वर देने वाले देवता महेश्वर देवी पार्वती के साथ बैठे हुए प्रजापति के पुत्र इल से हँसते हुए बोले-॥18 1/2॥
 
Then the boon-giving deity Maheshwara, seated with Goddess Parvati, smilingly spoke to Il, the son of Prajapati -॥18 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)