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ramayan 7.87.17-18h: तत्पश्चात् राजा अपने सेवकों, सेना और घुड़सवारों के साथ वेशधारी महात्मा भगवान नीलकण्ठ की शरण में गया ॥17 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.87.17-18h 
ततो देवं महात्मानं शितिकण्ठं कपर्दिनम्॥ १७॥
जगाम शरणं राजा सभृत्यबलवाहन:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा अपने सेवकों, सेना और घुड़सवारों के साथ वेशधारी महात्मा भगवान नीलकण्ठ की शरण में गया ॥17 1/2॥
 
After that, the king along with his servants, army and horsemen went to seek refuge in Lord Neelkantha, the clad Mahatma. 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)