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ramayan 7.87.16-17h: राजा अपनी उस दशा को देखकर बहुत दुःखी हुए और यह जानकर भयभीत हो गए कि यह सब उमावल्लभ महादेवजी की इच्छा से हुआ है॥16 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 87: श्रीराम का लक्ष्मण को राजा इल की कथा सुनाना – इल को एक-एक मासतक स्त्रीत्व और पुरुषत्व की प्राप्ति  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  7.87.16-17h 
तस्य दु:खं महच्चासीद् दृष्ट्वाऽऽत्मानं तथागतम्॥ १६॥
उमापतेश्च तत् कर्म ज्ञात्वा त्रासमुपागमत्।
 
 
अनुवाद
राजा अपनी उस दशा को देखकर बहुत दुःखी हुए और यह जानकर भयभीत हो गए कि यह सब उमावल्लभ महादेवजी की इच्छा से हुआ है॥16 1/2॥
 
‘The king was very sad to see himself in that condition. He became frightened after knowing that all this happened due to the wish of Umavallabh Mahadevji.॥ 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)