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एक बार वृत्रासुर के मन में यह विचार आया कि मुझे उत्तम तप करना चाहिए; क्योंकि तप ही परम कल्याण का साधन है। अन्य सब सुख तो केवल भ्रम हैं॥9॥
‘Once the thought came into the mind of Vritraasura that I should perform the best penance; because penance is the means of ultimate welfare. All other happiness is just an illusion.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥