शत्रुओं का नाश करने वाले मित्रदेवता ने उत्तम आहुतियों से युक्त राजसूय नामक महान यज्ञ के द्वारा भगवान् का हवन करके वरुण पद प्राप्त किया॥6॥
‘Mitradevta, the destroyer of enemies, attained the status of Varuna by performing a sacrifice to God through a great yagya called Rajasuya with excellent offerings. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥