Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.83.3: रघुवंशी राजकुमारों! मैंने ब्राह्मण का वह परम उत्तम कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब मैं पुनः राजधर्म की परम सीमा, राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करना चाहता हूँ। | ramayan सर्ग 7.83: भरत के कहने से श्रीराम का राजसूय यज्ञ करने के विचार से निवृत्त होना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रघुवंशी राजकुमारों! मैंने ब्राह्मण का वह परम उत्तम कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अब मैं पुनः राजधर्म की परम सीमा, राजसूय यज्ञ का अनुष्ठान करना चाहता हूँ।
Raghuvanshi princes! I have successfully completed that most noble task of a Brahmin. Now I again want to perform the ritual of Rajasuya Yagya, the ultimate limit of Rajdharma. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥