श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 82: श्रीराम का अगस्त्य-आश्रम से अयोध्यापुरी को लौटना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.82.9 
अत्यद्भुतमिदं वाक्यं तव राम शुभाक्षरम्।
पावन: सर्वभूतानां त्वमेव रघुनन्दन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
श्री राम! आपके ये सुन्दर वचन बड़े अद्भुत हैं। रघुनन्दन! आप ही समस्त प्राणियों को पवित्र करने वाले हैं॥9॥
 
Shri Ram! These beautiful words of yours are very wonderful. Raghunandan! It is you who purifies all living beings.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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