| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 7: उत्तर काण्ड » सर्ग 80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार » श्लोक 7 |
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| | | | श्लोक 7.80.7  | तस्य त्वेवं ब्रुवाणस्य मोहोन्मत्तस्य कामिन:।
भार्गवी प्रत्युवाचेदं वच: सानुनयं त्विदम्॥ ७॥ | | | | | | अनुवाद | | जब मोहवश उन्मत्त हुए कामातुर राजा इस प्रकार प्रश्न करने लगे, तब भृगु कन्या ने विनयपूर्वक उन्हें इस प्रकार उत्तर दिया:-॥7॥ | | | | When the lustful king, mad with infatuation, started asking questions in this manner, then Bhrigu's daughter humbly answered him thus:-॥ 7॥ | | ✨ ai-generated | | |
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