Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.80.10-11: "हे पुरुषश्रेष्ठ! वह महान तपस्वी हैं। यदि वे क्रोधित हो जाएं, तो आपको महान संकट में डाल सकते हैं। यदि आप मुझसे कोई अन्य कार्य चाहते हैं (अर्थात् मुझे अपनी पत्नी बनाना चाहते हैं) तो शास्त्रों द्वारा बताए गए उचित मार्ग का अनुसरण करके मेरे महान एवं यशस्वी पिता से मुझे मांग लीजिए। अन्यथा आपको अपने अत्याचार का भयंकर फल भोगना पड़ेगा।" 10-11. | ramayan सर्ग 7.80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यसनं सुमहत् क्रुद्ध: स ते दद्यान्महातपा:।
यदि वान्यन्मया कार्यं धर्मदृष्टेन सत्पथा॥ १०॥
वरयस्व नरश्रेष्ठ पितरं मे महाद्युतिम्।
अन्यथा तु फलं तुभ्यं भवेद् घोराभिसंहितम्॥ ११॥
अनुवाद
"हे पुरुषश्रेष्ठ! वह महान तपस्वी हैं। यदि वे क्रोधित हो जाएं, तो आपको महान संकट में डाल सकते हैं। यदि आप मुझसे कोई अन्य कार्य चाहते हैं (अर्थात् मुझे अपनी पत्नी बनाना चाहते हैं) तो शास्त्रों द्वारा बताए गए उचित मार्ग का अनुसरण करके मेरे महान एवं यशस्वी पिता से मुझे मांग लीजिए। अन्यथा आपको अपने अत्याचार का भयंकर फल भोगना पड़ेगा।" 10-11.
"O best of men! He is a great ascetic. If he becomes angry, he can put you in great trouble. If you want some other work from me (i.e. if you want to make me your wife), then follow the right path prescribed by the scriptures and ask for me from my great and illustrious father. Otherwise, you will have to suffer the terrible consequences of your tyranny. 10-11.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥