श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 80: राजा दण्डका भार्गव-कन्या के साथ बलात्कार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.80.1 
एतदाख्याय रामाय महर्षि: कुम्भसम्भव:।
अस्यामेवापरं वाक्यं कथायामुपचक्रमे॥ १॥
 
 
अनुवाद
ऐसी कथा श्री राम से कहकर महर्षि कुम्भज फिर उसका शेष भाग इस प्रकार कहने लगे-॥1॥
 
After telling such a story to Shri Ram, Maharishi Kumbhaj then started saying its remaining part like this -॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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