Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.79.5: 'श्रीराम! यह पूर्वकाल के सत्ययुग की कथा है, जब दण्डधारी राजा मनु इस पृथ्वी पर राज्य करते थे। उनके इक्ष्वाकु नाम के एक महाप्रतापी पुत्र थे। राजकुमार इक्ष्वाकु ही अपने कुल को सुख पहुँचाने वाले थे।॥5॥ | ramayan सर्ग 7.79: इक्ष्वाकुपुत्र राजा दण्डका राज्य । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरा कृतयुगे राम मनुर्दण्डधर: प्रभु:।
तस्य पुत्रो महानासीदिक्ष्वाकु: कुलनन्दन:॥ ५॥
अनुवाद
'श्रीराम! यह पूर्वकाल के सत्ययुग की कथा है, जब दण्डधारी राजा मनु इस पृथ्वी पर राज्य करते थे। उनके इक्ष्वाकु नाम के एक महाप्रतापी पुत्र थे। राजकुमार इक्ष्वाकु ही अपने कुल को सुख पहुँचाने वाले थे।॥5॥
‘Shri Ram! It is a story of the past Satya Yuga, when the king Manu wielding the stick ruled this earth. He had a great son named Ikshvaku. Prince Ikshvaku was the one who brought joy to his clan.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥