श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 79: इक्ष्वाकुपुत्र राजा दण्डका राज्य  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.79.4 
रामस्य वचनं श्रुत्वा कौतूहलसमन्वितम्।
वाक्यं परमतेजस्वी वक्तुमेवोपचक्रमे॥ ४॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी के कौतूहलपूर्ण वचन सुनकर वे परम तेजस्वी मुनि पुनः इस प्रकार कहने लगे-॥4॥
 
Hearing the curious words of Shri Ram, that most illustrious sage again started saying thus -॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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