Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.78.5: मेरे पिता के स्वर्गलोक गमन के पश्चात् नगरवासियों ने मुझे राजा बनाया। वहाँ मैंने बड़ी सावधानी से धर्मानुसार राज्य किया॥5॥ | ramayan सर्ग 7.78: राजा श्वेत का अगस्त्यजी को अपने लिये घृणित आहार की प्राप्ति का कारण बताते हुए ब्रह्माजी के साथ हुए अपनी वार्ता को उपस्थित करना और उन्हें दिव्य आभूषण का दान दे भूख-प्यास के कष्ट से मुक्त होना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरे पिता के स्वर्गलोक गमन के पश्चात् नगरवासियों ने मुझे राजा बनाया। वहाँ मैंने बड़ी सावधानी से धर्मानुसार राज्य किया॥5॥
‘After my father went to heaven, the people of the city anointed me as the king. There I ruled the kingdom in accordance with Dharma by being very cautious.॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥