Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.77.19: सौम्य! हे देवतुल्य मनुष्य! आप कौन हैं और ऐसा घृणित भोजन क्यों करते हैं? कृपया मुझे यह बताइए॥19॥   |   ramayan सर्ग 7.77: महर्षि अगस्त्य का एक स्वर्गीय पुरुष के शवभक्षण का प्रसंग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 77: महर्षि अगस्त्य का एक स्वर्गीय पुरुष के शवभक्षण का प्रसंग सुनाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.77.19 
को भवान् देवसंकाश आहारश्च विगर्हित:।
त्वयेदं भुज्यते सौम्य किमर्थं वक्तुमर्हसि॥ १९॥
 
 
अनुवाद
सौम्य! हे देवतुल्य मनुष्य! आप कौन हैं और ऐसा घृणित भोजन क्यों करते हैं? कृपया मुझे यह बताइए॥19॥
 
Soumya! O man like a god! Who are you and why do you eat such disgusting food? Please tell me this.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)