Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.76.2: हे यशस्वी श्री राम! मैंने शूद्र के गर्भ से जन्म लिया है और मैं सशरीर स्वर्ग जाकर देवत्व प्राप्त करना चाहता हूँ। इसीलिए मैं इतनी कठोर तपस्या कर रहा हूँ॥ 2॥ | ramayan सर्ग 7.76: श्रीराम के द्वारा शम्बूक का वध, देवताओं द्वारा उनकी प्रशंसा, अगस्त्याश्रम पर महर्षि अगस्त्य के द्वारा उनका सत्कार और उनके लिये आभूषण-दान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे यशस्वी श्री राम! मैंने शूद्र के गर्भ से जन्म लिया है और मैं सशरीर स्वर्ग जाकर देवत्व प्राप्त करना चाहता हूँ। इसीलिए मैं इतनी कठोर तपस्या कर रहा हूँ॥ 2॥
O glorious Shri Ram! I was born in the womb of a Shudra and I want to go to heaven with my body and attain divinity. That is why I am performing such a severe penance.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥